The video discusses significant labor law reforms in India, specifically the implementation of four new labor codes that replace 29 outdated laws. The speaker aims to explain these changes, their necessity, and their potential impact on the economy, employers, and employees.
Code on Wages
Industrial Relations Code
Code on Social Security
Occupational Safety, Health and Working Conditions Code
The reform represents a significant shift in India's labor governance, focusing on modernization and simplification. However, the true effectiveness will depend on implementation, enforcement, and the ability to balance flexibility with worker rights.
“The goal is to modernize labor governance to attract global investment and improve GDP growth.”
The video ends with a promotional segment encouraging viewers to join a UPSC preparation course, highlighting the relevance of understanding these reforms for current and future civil services aspirants.
नमस्कार दोस्तों। दोस्तों, पिछले 5 साल से जिस चार लेबर कोर्ट्स के बारे में आप सुनते आ रहे थे, जिसके बारे में काफी चर्चा होती थी, बोला जाता था कि भारत की इकॉनमी पर बड़ा असर पड़ेगा। फाइनली उसको इंप्लीमेंट कर दिया गया है कल। आप देख सकते हो खबर। गवर्नमेंट इंप्लीमेंट्स फोर लेबर कोर्ट्स रिप्लेसिंग 29 ओल्ड लॉज़। इसको थोड़ा सा हम डिटेल में समझेंगे कि ये चार नए लेबर कोर्ट्स क्या हैं? 29 पुराने लॉस क्या थे? क्यों इसको रिप्लेस किया गया? और इसका भारत पर क्या असर होगा? एंप्लॉयर्स के ऊपर क्या असर होगा? एंप्लाइजस के ऊपर क्या होगा? वो सब कुछ मैं आपको डिटेल से बताऊंगा। चलिए आगे बढ़ते हैं। लेकिन उससे पहले आप सबको बता दूं कि अगर आप यूपीएससी 2027 की तैयारी कर रहे हैं तो इस पे बड़ा स्लैश आया है प्राइस का और आप देख सकते हो अगर आप 26 नवंबर वाले बैच को ज्वाइन करते हो तो एक्स्ट्रा डिस्काउंट आपको मिल रहा है 2027 वाले बैच के लिए जिसमें प्रीलिम्स मेंस इंटरव्यू सब कुछ की तैयारी कराई जाती है। लिंक इसका कमेंट सेक्शन में दिया हुआ है। यूज़ करना है कोड अंकित लाइव मैक्सिमम डिस्काउंट के लिए। और यह फोन नंबर है। यहां पर आप कॉल कर सकते हैं। मेरी टीम जो है आपको अच्छे से गाइड कर देगी। चलिए शुरुआत करते हैं। सबसे पहले देखते हैं कि एग्जैक्टली हुआ क्या है। जैसा मैं आपको बता रहा था कल जो है भारत सरकार ने डिसाइड किया कि जो चार कंसोलिडेटेड लेबर कोर्ट्स हैं मैं आपको दिखा दूं। ये आप देख सकते हो लेबर रिफॉर्म बिल्स जैसे वो वेज कोड हो गया। इंडस्ट्रियल रिलेशंस से रिलेटेड चीजें हो गई। सोशल सिक्योरिटी हो गया। इंडस्ट्रियल सेफ्टी एंड वेलफेयर हो गया। इसके पहले क्या था कि करीब 29 लेबर लॉस थे जो कि बहुत ज्यादा कॉम्प्लेक्स थे। इशूज़ थे। मैं आपको बताऊंगा। तो उसको रिप्लेस कर दिया गया। उसको हटाकर सिर्फ यह जो चार लेबर कोर्ट्स हैं वही यहां पर रहेगा। तो यह बोला जा रहा है कि यह भारत का बिगेस्ट लेबर लॉ ओवरऑल है सिंस इंडिपेंडेंस जहां पर कोशिश यही है कि जो रेगुलेशन है उसको सिंपलीफाई किया जाए। वर्कर का जो वेलफेयर है उसको इंप्रूव किया जाए और ई ऑफ डूइंग बिजनेस लाया जाए ताकि ज्यादा देश के अंदर इन्वेस्टमेंट हो। ज्यादा यहां पर जीडीपी में बढ़ोतरी हो। अच्छा यहां पर अब पहला क्वेश्चन तो यही आता है कि इसको रिफॉर्म की क्यों जरूरत पड़ी? देखो भारत के जो ओल्ड लेबर लॉज़ हैं ना वो बहुत ज्यादा फ्रेगमेंटेड थे। पता नहीं चलता था। कुछ चीजें एक लॉज़ में थी दूसरा दूसरे में। मतलब बहुत ज्यादा कंफ्यूजन होता था। आउटडेटेड हो गए थे। सोचिए ना 1930 1950 की बात करें। ब्रिटिशर्स के टाइम की बात करें और कितने सारे ओवरलैप हुआ करते थे। अब मान लो एक एक जो कानून है लेबर से रिलेटेड वो कुछ और कहता है। दूसरा कानून कुछ और कहता है। मामला कोर्ट में जाता है। कोर्ट भी नहीं समझ पाती करें क्या? क्योंकि दो कानून में अलग-अलग चीजें लिखी हुई हैं। तो इसकी वजह से काफी इश्यूज आते थे। इसके अलावा जो बिजनेसेस हैं उनको काफी कंप्लायंस बर्डन फेस करना पड़ता था। आप सोचो ना अगर कॉम्प्लेक्स है चीजें कानून में ही कॉम्प्लेक्सिटी है तो जो लेबर ऑफिसर होगा जो यहां पर रेड करने आएगा जो चेकिंग करेगा तो उसको बेनिफिट मिल जाता है ना। इसीलिए तो यहां पर करप्शन और इस तरह की चीजें ज्यादा होती हैं। तो 29 डिफरेंट सेंट्रल लॉज़ और भी और सोचिए राज्यों के तो और भी अपने-अपने अलग लॉज़ थे। जिसकी वजह से ये सारे इश्यूज आते थे। इसके अलावा आप सोचिए इनफॉर्मल गिग वर्कर्स प्लेटफार्म सेक्टर जैसे आज किसने सोचा था 70 साल पहले कि स्विg और आपका Zomato जैसी चीजें होंगी कंपनी होगा यहां पर जो गिग वर्कर्स हैं वो होंगे तो उस तरह के जो लेबर्स हैं उस तरह के जो वर्कर्स हैं उनको रिकॉग्निशन नहीं दिया गया है। तो यह वाला जो आपका नया कोड आया है इंप्लीमेंट हुआ है इसमें इनको रिकॉग्निशन मिलेगा। तो भारत का ऐ यही है कि लेबर गवर्नेंस को मॉडर्नाइज किया जाए ताकि जो इवॉल्विंग फॉर्म ऑफ एंप्लॉयमेंट है जो नए-नए एंप्लॉयमेंट तरह की चीजें आ रही हैं। अब तो एआई का जमाना आ गया। तो ग्लोबल इन्वेस्टमेंट आप तभी अट्रैक्ट करोगे जब आप उसमें चेंजेस लाओगे। तो फाइनली इसको इंप्लीमेंट किया गया है। अब ये चार क्या-क्या है? मैं आपको बता देता हूं। सबसे पहला है कोड ऑन वेजेस। 2019 में ये बिल आया था। कोड ऑन वेजेस। अब इसमें क्या-क्या चीजें कवर होती हैं? ऑब्वियस सी बात है इसके नाम से आप समझ रहे होंगे वेजेस। मतलब मिनिमम वेज कितना होगा देश के अंदर? अलग-अलग राज्यों में हो सकता है किसी राज्य में कुछ और मिनिमम वेज हो। लेकिन हां इसमें ये है कि सेंट्रल गवर्नमेंट एक मिनिमम वेज तय कर देगी। कोई भी स्टेट उससे कम नहीं जाएगा। मान लो सेंट्रल गवर्नमेंट ने कह दिया कि ₹1000 पर डे। ठीक है? तो इससे ₹1000 से कोई भी स्टेट कम नहीं जा सकता। हां, कोई अगर महाराष्ट्र को लगता है कि 1500 करना है तो वो 1500 कर सकता है। लेकिन मिनिमम उतना तो रहेगा ही। तो एक मिनिमम वेज को लेकर चीजें इसके अंदर है। पेमेंट ऑफ वेजेस कैसे होगा? कब होगा? बोनस कब और कैसे दिया जाएगा इक्वल रेमुनरेशन को लेकर। तो ये सारी चीजें कोड ऑन वेजेस कवर करती हैं। इसमें क्या-क्या फीचर हैं? जैसे नेशनल फ्लोर मिनिमम वेज मैंने आपको बताया ना कोई भी स्टेट उससे कम नहीं जा सकता मिनिमम वेज से। इसके अलावा टाइमली वेज पेमेंट नो अन ऑथराइज्ड डिडक्शन मतलब टाइमली वेज पेमेंट बोला जा रहा है कि हर महीने के 7 तारीख तक आपको सैलरी मिल जानी चाहिए। वेज मिल जाना चाहिए। उससे डिले नहीं होना चाहिए। फिर अनऑथराइज्ड डिडक्शन नहीं होना चाहिए कि यह बोल दिया कंपनी ने कि इसका हम डिडक्ट कर रहे हैं। ये सब नहीं। फिर इसके अलावा यहां पर ये ऑर्गेनाइज्ड और अनऑर्गनाइज्ड दोनों के ही ऊपर लागू होता है और इसका जो कवरेज है उसको और वाइड किया गया है। स्टैंडर्डाइज किया गया है। जो वेज का डेफिनेशन है उसको और स्टैंडर्डाइज करने की कोशिश की गई है। पुराने लॉज़ अगर आप देखोगे मिनिमम वेजेस एक्ट, पेमेंट ऑफ वेजेस एक्ट 1936, पेमेंट ऑफ बोनस एक्ट। इन सबको मर्ज कर दिया गया एक सिंगल कोड ऑन वेजेस में। फिर इसके अलावा दूसरा है इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड 2020 जो बिल आया था। तो इसके अंदर अगर आप देखोगे ट्रेड यूनियन, इंडस्ट्रियल डिस्प्यूट, स्ट्राइक, लॉकआउट्स, ले ऑफ, रिट्रेंचमेंट, क्लोज़र ये सारी चीजें जो हैं इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड में लाई गई हैं। अब इसमें क्या-क्या बदलाव हुए हैं? सबसे पहला है कि एस्टैब्लिशमेंट ऑफ टू 300 वर्कर्स उनको सरकार से परमिशन नहीं लेनी है लेऑफ की। अभी तक क्या होता था कि अगर आपके कंपनी में 100 एंप्लाइजज़ तक हैं। ठीक है? तो आपको सरकार से परमिशन नहीं लेनी होती थी। अगर आप बड़े स्तर पर लोगों को नौकरी से निकाल रहे हो और मान लो अगर 150 वर्कर आपके यहां पर काम कर रहे हैं और एक झटके में आपने 50 वर्कर्स को निकाल दिया तो आपको सरकार से अनुमति लेनी होती थी। आप नहीं कर सकते थे ऐसा। बहुत इशूज़ आते थे। बहुत प्रॉब्लम्स आती थी। लेकिन अब यहां पर इसको बढ़ाकर 300 कर दिया गया। मतलब यह जो एंप्लॉयर्स हैं उनको बेनिफिट देगा कि 300 तक अगर आपके कंपनी में एंप्लई हैं तो आप निकाल सकते हो। सरकार से परमिशन लेने की जरूरत नहीं है। फिर दूसरा जो फिक्स टर्म एंप्लॉयमेंट है उसको फॉर्मल तरीके से रिकॉग्नाइज किया गया। देखो बहुत इंपॉर्टेंट है क्या है कि बहुत सारे ऐसे वर्क होते हैं जिसमें स्पेसिफिक पीरियड के ही लोगों को एंप्लॉयमेंट दिया जाता है। जैसे 6 महीने के लिए एक पर्टिकुलर वर्क दे दिया गया हर एक साल के लिए 2 साल के लिए। तो एक फिक्स टर्म जो एंप्लॉयमेंट था वो फॉर्मली रिकॉग्नाइज़्ड नहीं था। कानून के अंदर में नहीं था। जिसकी वजह से अगेन बहुत इशज़ क्रिएट होते थे। अब इसको रिकॉग्नाइज़ किया गया है। दूसरा जो डेफिनेशन है जैसे वर्कर कौन होगा? एंप्लई कौन होगा? एंप्लयर कौन होगा? तो ये स्टैंडर्डाइज्ड डेफिनेशन कर दिया गया। फिर यहां पर जो यूनियन रिकॉग्निशन है उससे रिलेटेड नए रूल्स लाए गए हैं। कलेक्टिव बारगेनिंग को लेकर नए रूल्स लाए गए हैं। तो ये सारी चीजें इंडस्ट्रियल रिलेशंस कोड में लाए गए हैं। पहले आप देख सकते हो इस तरह के कानून थे। और भी बहुत सारे कानून थे। अल्टीमेटली इसको मर्ज करके इसमें डाल दिया गया। तीसरा है कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी। देखो आज की डेट में बहुत इंपॉर्टेंट है। वर्कर्स हो, एंप्लाइजज़ हो तो अगर आज वो काम कर रहे हैं। जब वो रिटायर होंगे जब वो काम नहीं करेंगे तो उनका क्या? वो सोशल सिक्योरिटी का ध्यान रखना। तो इसके अंदर ईपीएफओ ग्रेचुटी मैटरनिटी बेनिफिट्स गिग प्लेटफार्म वर्कर्स के लिए मतलब स्पेशली स्विगी और जो Zomato की मैं बात कर रहा था तो इसमें यहां पर कई इशूज़ होते हैं कि दे आर द गिग वर्कर्स उनको सोशल सिक्योरिटी नहीं है। कंपनीज़ अपने-अपने स्तर पर ध्यान दे रही हैं। लेकिन एक स्टैंडर्ड रूल्स नहीं है। फिर इसके अलावा अनऑर्गेनाइज़्ड जो सेक्टर वेलफेयर है उनका क्या होगा? तो ये सारी चीजें सोशल सिक्योरिटी में रह गई हैं। इसमें मेन फीचर्स मैं आपको बता देता हूं। पहली बार गिग वर्कर्स को लीगल रिकॉग्निशन दिया जा रहा है। मतलब वही Zomato और बाकी बहुत सारे वर्कर्स होते हैं जो अपने स्तर पर खुद से काम कर रहे होते हैं। तो उनको जो है पहली बार लीगल रिकॉग्निशन मिल रहा है। यहां पर सोशल सिक्योरिटी पोर्टेबिलिटी अलाउ होगा। मतलब आप दिल्ली में हो अचानक से मुंबई गए काम करने, बेंगलुरु गए। तो यहां पर अक्रॉस स्टेट्स एंड एंप्लयर्स जो हैं वो पोर्टेबल कर सकेंगे। इसके अलावा कवरेज जो है अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर वर्कर्स का और वाइड कर दिया गया ताकि ज्यादा जो अनऑर्गेनाइज्ड सेक्टर के वर्कर्स हैं वो कवर हो जाएं। इसके अलावा डिसेबिलिटी लाइफ और मेटरनिटी जो बेनिफिट्स हैं वो एनहांस किया गया है। और पहले वाले लॉज़ अगर आप देखो यहां पर प्रोविडेंट फंड एक्ट 1952, 1948 का, मैटरनिटी बेनिफिट, पेमेंट ऑफ ग्रेटिटी एक्ट 197 इन सबको मर्ज कर दिया गया। और भी बहुत सारे कानून थे पहले। अच्छा यहां पर चौथा क्या है? ऑक्यूपेशनल सेफ्टी, हेल्थ एंड वर्किंग कंडीशन। ऑब्वियस सी बात है यहां पर हम बात करें कि जहां पर वर्कर काम कर रहा है वहां पर कंडीशंस कैसे हैं? सेफ्टी का तो ध्यान रखा गया है। तो यहां पर सेफ्टी हेल्थ स्टैंडर्ड, वर्किंग कंडीशंस, फैक्ट्रीज, माइंस, डॉग्स, प्लांटेशन, शॉप्स, कॉन्ट्रैक्ट लेबर, माइग्रेंट वर्कर्स। तो इन सबका जो कवरेज है वो आपको इसके अंदर देखने को मिलेगा। इसके कुछ मेन फीचर्स मैं आपको बताता हूं। एक तो जो सेफ्टी नॉर्म्स है अक्रॉस दी सेक्टर उसको यूनिफॉर्म किया गया है। ए्बिगुटी नहीं होनी चाहिए कि इस सेक्टर में ये वाला सेफ्टी नॉर्म है। इसमें ये नहीं अपनाना है। सब में एक पर्टिकुलर स्टैंडर्ड जो सेफ्टी नॉर्म्स है वो अपनाना ही पड़ेगा। फिर यहां पर कुछ स्पेसिफाइड कैटेगरीज में अगर मान लीजिए कोई माइन वर्कर्स हैं। ऑब्वियस सी बात है उसको हेल्थ के ऊपर बहुत इंपैक्ट आ सकता है। तो यहां पर एनुअल फ्री मेडिकल चेकअप होना चाहिए। उसका कंपलसरी किया गया है। फिर इसके अलावा जो वुमेन है वो नाइट शिफ्ट कर सकती हैं। यह भी अलाउ किया गया है। लेकिन हां कुछ मेजर्स लिए जाएंगे प्रोटेक्टिव मेजर्स तो उसके हिसाब से जो महिलाएं हैं वो भी नाइट शिफ्ट कर सकती हैं। इसके साथ-साथ सिंपलीफाइड लाइसेंसिंग फॉर कॉन्ट्रैक्टर्स। मतलब एक सिंगल लाइसेंस 5 साल तक के लिए भी दिया जा सकता है। पहले ये अलाउ नहीं था। पहले हर साल सात साल भर पर जो है आपको रिन्यू करना पड़ता था लाइसेंस। तो कॉन्ट्रैक्टर को बहुत मुश्किल आती थी। तो अब ये सिंपलीफाई किया गया ताकि आसानी हो काम करने में। इसके अलावा जो सेफ्टी वायलेशंस को लेकर अगर कोई भी वलेशंस होगा सेफ्टी से रिलेटेड किसी भी कंपनी में तो वहां पर हैवी पेनल्टी लगाई जाएगी। पहले के कानून आप देख सकते हो यहां पर जो फैक्ट्री एक्ट है 1948 का माइंस एक्ट हो गया, कॉन्ट्रैक्ट लेबर हो गया। ये सारी चीजें जो है इसको मर्ज कर दी गई हैं। तो फाइनली अगर हम बात करें तो वर्कर्स के लिए ओवरऑल बेनिफिट क्या है? एक तो मिनिमम वेज मैंने आपको बताया कि स्टैंड नेशनल लेवल पर होगा। अलग-अलग स्टेट जो हैं वो मिनिमम वेज को और बढ़ाना चाहे तो बढ़ा सकते हैं। इसके अलावा टाइमली वेज पेमेंट आपको मिलेगा। गिग वर्कर्स को रिकॉग्नाइज किया गया। जो अनऑर्गेनाइज्ड वर्कर्स हैं उनका कवरेज एक्सपेंड किया गया। सेफ्टी कंडीशंस, हेल्थ चेकअप ये सब इंप्रूव किया गया है। महिलाओं के लिए नाइट शिफ्ट जो है वो अलाउ कर दी गई है। खैर यहां पर अगर हम बात करें एंप्लयर्स के पर्सपेक्टिव से जो काम दे रहा है तो उनके लिए तो सबसे बड़ा यहां पर आसानी ये है कि पहले 29 लॉस थे जो बहुत ज्यादा उनको मुश्किल आता था कि सब कुछ ठीक है ना लेबर इंस्पेक्टर परेशान तो नहीं करेगा। तो अब उसको सिर्फ चार कोड में लाया गया है। सिंगल रजिस्ट्रेशन, सिंगल लाइसेंस कई सारी चीजों में ये लाया गया है। डेफिनेशन जो है लिटिगेशन, एंबगिटी वो कम करने के लिए डेफिनेशन को स्टैंडर्ड कर दिया गया है। फ्लेक्सिबिलिटी लाया गया है लेऑफ के लिए। मैंने आपको बताया ना 300 वर्कर्स तक अगर आपके कंपनी में है तो आपको कोई प्रॉब्लम नहीं आएगी। जब चाहो जिसको निकाल दो। इसके अलावा फिक्स्ड टर्म एंप्लॉयमेंट जो है वो अलाउ किया गया है फ्लैक्सिबल हायरिंग के लिए। लॉन्ग वर्किंग आवर्स। देखो इसमें यह भी किया गया है कि 12 घंटे तक अगर आप काम कराना चाहो तो करा सकते हो। लेकिन हां ऑब्वियस सी बात है आपको उस हिसाब से पेमेंट वगैरह देना होगा। अब पता नहीं किस तरह से इंप्लीमेंट होगा क्योंकि भारत में अगर आप देखो बहुत से कंपनीज़ हैं जो बहुत सारी शिकायतें आती हैं। बेचारा जो कोई जा रहा है काम कर रहा है तो उसको लगातार काम करने किया जा रहा है। घर पहुंच रहा है तो भी वहां पर वो काम कर रहा है। तो आई डोंट नो ये 12 घंटे तक और क्या ये एक्स्ट्रा पेमेंट मिलेगा नहीं मिलेगा? किस तरह से इंप्लीमेंट होता है। इसी को लेकर यहां पर क्रिटिसिज्म और कंसर्न भी आ रहा है। ट्रेड यूनियंस का आर्गुमेंट यह है कि एंप्लॉयर्स को फ्लेक्सिबिलिटी जो दी जा रही है ना तो इससे तो उनकी जॉब सिक्योरिटी कम हो जाएगी। ले ऑफ आप आसानी से कर दे रहे हो। मतलब इससे एक्सप्लॉयटेशन होगा। कोई भी एंप्लयर कभी भी किसी को निकाल देगा। फिक्स्ड टर्म कॉन्ट्रैक्ट की वजह से परमानेंट हायरिंग कम हो जाएगी। जो एंप्लयर है, कॉन्ट्रैक्टर है, वह यहां पर सिर्फ स्पेसिफाइड पीरियड के लिए यहां पर उनको हायर करेगा। फिर आगे रिन्यू करना होगा तो करेगा। तो परमानेंट हायरिंग इससे कम हो जाएगी। जो इकोनॉमिस्ट है उनका कंसर्न ये है कि शॉर्ट टर्म में जो छोटे फॉर्म्स हैं जो कंप्लायंस कॉस्ट होता है ये सारी चीजों को पालना करना तो उसका कॉस्ट बढ़ जाएगा। छोटे फॉर्म्स के लिए नुकसान होगा। जो एनफोर्समेंट इंफ्रास्ट्रक्चर है हमारे देश में बहुत कम है। जो इंस्पेक्टर और जिस तरह से करप्शन वगैरह चलता है तो उसको थोड़ा सा स्ट्रेंथन करने की जरूरत है। कई सारे स्टेट्स इसको रूल्स डिले कर सकते हैं। देखो क्या है कि यहां पर नेशनल लेवल पर तो इसको लाया जा रहा है लेकिन अल्टीमेटली राज्यों के ऊपर डिपेंड करता है कि उसको कब और किस तरह से इंप्लीमेंट करते हैं। और गिग वर्कर जो ऑर्गेनाइजेशंस हैं उन्होंने वार्निंग दी है कि यहां पर जो एंप्लॉयर्स का कंट्रीब्यूशन है वो अभी भी अनक्लियर है कि यहां पर गिग वर्कर्स को कैसे फायदा होगा। किस तरह से फायदा हुआ वह भी अभी अच्छे से स्पेसिफाई नहीं किया गया है। इसको इंप्लीमेंटेशन चैलेंजज़ कैसे आएगा? मैंने आपको बताया एक तो स्टेट गवर्नमेंट कब और कैसे इंप्लीमेंट करती हैं। फिर दूसरा क्या है कि यहां पर जो ग्राउंड सक्सेस है कि ये लेबर फोर्स एक्चुअल में यहां पर फायदेमंद दें। तो वो मैं आपको बता दूं बहुत सारी बाकी चीजों के ऊपर डिपेंड करता है कि डिजिटल कंप्लायंस प्लेटफार्म कैसा है? इंस्पेक्टर ट्रेनिंग कैसी है? गिग प्लेटफार्म सेक्टर जो है उसको कैसे मॉनिटर किया जा रहा है? स्टेट सेंटर कोऑर्डिनेशन कैसा है? कंपनी लेवल पर एडप्टेशन कैसा है? तो ओवरऑल अगर हम बात करें कि भारत की इकॉनमी पर क्या असर पड़ सकता है? देखो यहां पर जो सिंपलीफिकेशन लाया गया है इसकी वजह से भारत की जो मैन्युफैक्चरिंग कंपिटिटिवनेस है वो इंप्रूव हो सकती है। यहां पर लेबर क्लेरिटी की वजह से बहुत सारे जो फॉरेन कंपनीज़ हैं वो भारत में निवेश करना चाहेंगे। एफडीआई लेकर आएंगे। लार्ज स्केल जॉब क्रिएशन हो सकेगा। सोशल सिक्योरिटी एक्सपेंशन की वजह से वर्कर की जो प्रोडक्टिविटी है वो इनक्रीस हो सकती है। लेबर मार्केट फॉर्मलाइजेशन की वजह से जो इनफॉर्मेलिटी है वो धीरे-धीरे कम हो सकती है। क्योंकि अभी भी देश में बहुत सारा मतलब बड़े स्तर पर सिर्फ 10 से 15% ही ऐसा है जो कि फॉर्मल सेक्टर है। बाकी तो 80% आप समझिए इनफॉर्मल सेक्टर ही है। खैर यहां पर जाने से पहले आप देख सकते हो ये पूरा टेबल मैंने बना दिया है। यहां पर आप देख पाएंगे जो अलग-अलग कोड हैं लेबर लॉज़ हैं। तो उससे रिलेटेड क्या-क्या चीजें इसके अंदर हैं। कौन से बेनिफिट्स हैं वह सब आपको इसके अंदर मिल जाएगा और यही पूरा वीडियो था दोस्तों जाने से पहले आप सबके लिए एक इंटरेस्टिंग क्वेश्चन है क्या बता सकते हो कौन सी कॉलोनियल कमिटी मतलब ब्रिटिशर्स टाइम में कौन सी कॉलोनियल कमिटी पहली थी जो मतलब पहली बार इन्वेस्टिगेट किया गया था वर्किंग कंडीशन एंड वेज इशूज़ इन फैक्ट्रीज इन इंडिया ये यहां पर आपको बताना है और इसका राइट आंसर आप सब जानते हैं मेरे Instagram पर तो मिलेगा ही वहां पर अगर आप नहीं हो कोई बात नहीं tlegram से ले सकते हैं इसका सही उत्तर और दोस्तों जैसा मैंने आपको बताया अगर आप स्टडी आईक्यू पर 2027 की यूपीएससी की तैयारी तैयारी करना चाहते हैं। यह जो कोर्स है वह आपको काफी बेनिफिशियल होगा। इसमें प्रीलिम्स, मेंस, इंटरव्यू सब कुछ की तैयारी कराई जाती है। यूज़ दिस कोड अंकित लाइव मैक्सिमम डिस्काउंट के लिए लिंक कमेंट सेक्शन में दिया हुआ है। अगर आपको कोई भी डाउट है, यह फोन नंबर है। यहां पर आप कॉल कर सकते हैं। मेरी टीम आपको अच्छे से गाइड कर देगी। दोस्तों, यूपीएससी 2027 फाउंडेशन बैच ऑफिशियली स्टार्ट हो चुका है। उन एस्पिरेंट्स के लिए जो 2027 अटेम्प्ट को टारगेट कर रहे हैं। यह बैच आपको जीरो से लेकर एडवांस लेवल तक प्रीलिम्स, मेंस और इंटरव्यू हर स्टेज पर कंप्लीट क्लेरिटी देता है। इस बैच में आपको मिलता है टॉप फैकल्टीज का फुल गाइडेंस, वन ऑन वन पर्सनल मेंटरशिप, कंप्लीट टेस्ट सीरीज और साथ ही प्रीलिम्स क्लियर करने पर फुल फी रिफंड। मंथली टॉपर्स को मिलता है ₹1,000 का कैश रिवॉर्ड। अब बात करते हैं प्राइस की। यूपीएससी 2027 लॉन्ग टर्म फाउंडेशन बैच सिर्फ 189 से अवेलेबल है। सीट्स लिमिटेड है तो स्टडी आईक्यू ऐप खोलो। सर्च करो यूपीएससी 2027 बैच और कोड यूज करो अंकित लाइव ए एन के आई टी एल आई वी ई और अगर अभी भी आपको कोई डाउट हो तो इस नंबर पर कॉल करिए 09240023293 आपका सिलेक्शन हमारा मिशन
Clear UPSC with StudyIQ’s Courses : https://studyiq.u9ilnk.me/d/4ekxQyFxsI Call Us for UPSC Counselling- 76-4000-3000 Use code 'Facultycode' to get Highest Discount UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2027 Long term November Morning Batch Admissions Closing on 20th November. 2025 | Daily Live Classes at 8:00 AM Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/4ekxQyFxsI UPSC IAS Live SIP 2026 Crash Course November Morning Batch Batch Starting on 20th November. 2025 | Daily Live Classes at 8:00 AM Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/MOed8K4kTZ UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2026 Fast Track Batch : https://studyiq.u9ilnk.me/d/c3EOEpiCCk Batch Just Started | Daily Live Classes at 6:00 PM UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2028 Nirmaan November Morning Batch Admissions Closing on 20th November. 2025 | Daily Live Classes at 8:00 AM Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/ue38vripch Download our App for Dedicated UPSC Materials & Support - https://studyiq.u9ilnk.me/d/RQtp71j77l Big Reform: 4 New Labour codes come into effect | Ankit Agrawal Study IQ India’s biggest labour reform is finally here. The 4 New Labour Codes have come into effect, bringing major changes in salary structure, take-home pay, PF, working hours, employee rights, company regulations and compliance rules. In this video, Ankit Agrawal sir breaks down each Labour Code clearly — Wage Code, Social Security Code, Industrial Relations Code and Occupational Safety, Health & Working Conditions Code. You’ll understand what has changed, how it impacts employees, how companies must adjust compliance, and how it affects India’s workforce and economy. This session is extremely important for UPSC, State PCS, SSC, Banking, Defense exams, college students, and working professionals who want clarity on these new rules. Watch till the end for complete understanding with real examples. UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2027 Long term Pratigya+ November Hindi Batch एडमिशन की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2025 | बैच का समय शाम 6:00 बजे Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/KJvuipysos UPSC IAS Live GS P2I Foundation 2027 Long term Resolution+ November English Batch Batch Starting on 18th Nov. 2025 | Daily Live Classes at 6:00 PM Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/7e9LKzgUIQ UPSC IAS Prelims to Interview (P2I) Advanced 2026 August Batch Hurry Enroll Now : https://studyiq.u9ilnk.me/d/PzQSzeemHM Gen AI Foundation AI Masterclass: https://studyiq.u9ilnk.me/d/fbrKuhzfw8 Features of UPSC P2I Batches - 1000+ hours Live Classes - Success in Prelims program - Mains Residential Program - Interview Guidance Program - One to One Mentorship - Answer Writing Program - Current Affairs Program - Handwritten Notes - Prelims and Mains Test series and much more….. UPSC IAS (Mains) LIVE Optional Batches : https://studyiq.u9ilnk.me/d/9ahtTDzlmA For UPSC IAS Offline Classes Please Call : 9459-456-945 State PSC Live Foundation Batches : https://studyiq.u9ilnk.me/d/BaZRePgV37 Gaurav Sir Current Affairs https://bit.ly/3jwDRsv Complete Static GK by Dr. Gaurav Garg https://bit.ly/3O0FaxE Banking Awareness (Static) by Dr Gaurav Garg https://bit.ly/36dElAI Vipan Sir Courses - Courses to help you gain an edge with MCQs preparation 10000 MCQs of GA by Vipan Sir https://bit.ly/367qqMi GS - Dr. Vipan Goyal https://bit.ly/3vbslbn Buy our Best Selling UPSC CSE Books From Online Stores: https://studyiq.u9ilnk.me/d/4EgxMOQTUN Read all Information Rich Blogs & Articles here - https://www.studyiq.com/articles/ 📌 Connect with [Our Social Media Platform] : ▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀▀ Join our Telegram Group:- https://t.me/Studyiqeducation Whatsapp Channel - https://bit.ly/3M1i8Ya Facebook: https://bit.ly/3PZTJDo Instagram: https://bit.ly/48RZNGO Twitter: https://bit.ly/48On8t7 For any doubt, Call 76-4000-3000 or Click here for Whatsapp Chat http://wa.me/919649876464 #labourcodes #labourreforms #india #hindinews #englishnews #pmmodi #modi #economynews #governmentreforms #indianeconomy #workersrights #employmentlaws #upsccurrentaffairs #studyiq #studyiqias #ankitagrawal #ankitsir