This analysis delves into the YouTube video transcript discussing significant changes to labor laws in India that took effect on November 21, 2025. The video serves to inform viewers about the implications of these changes for both employees and employers.
"21 नवंबर 2025 की सुबह से भारत में काम करने का तरीका हमेशा के लिए बदल चुका है।"
The narrator summarizes the four new labor codes replacing the old laws:
The video details numerous advantages for employees stemming from the new laws:
The narrator transitions to discuss how these changes will impact businesses and HR departments:
The video compares India's reforms to those in developed countries, highlighting India’s progressive stance on gig worker protections.
The narrator advises employers to:
Despite the positive changes, the video acknowledges several challenges:
The video concludes with practical advice for both employees and employers:
"यह बदलाव आपको कैसा लगा? क्या आपको लगता है कि इससे आपकी लाइफ आसान होगी?"
The narrator encourages viewer engagement through comments and sharing the information with others, emphasizing the importance of awareness regarding these legal changes.
The video effectively communicates the significance of the new labor laws in India. It highlights both the benefits and challenges posed by these changes, while also fostering a sense of urgency for individuals and businesses to adapt. The structured presentation of information, combined with actionable recommendations, enhances the video's educational value.
क्या आपको पता है कि 21 नवंबर 2025 की सुबह से भारत में काम करने का तरीका हमेशा के लिए बदल चुका है। चाहे आपकी सैलरी 10,000 हो या 10 लाख। चाहे आप एक बड़ी एमएसी में काम करते हो, किसी दुकान पर काम करते हो या फिर Zomato Uber जैसे गिग वर्कर हो। आपकी जेब और आपकी जॉब दोनों पर बहुत बड़ा असर पड़ने वाला है। जी हां, भारत के इतिहास का सबसे बड़ा श्रम कानून सुधार अब लागू हो चुका है। आपकी टेक होम सैलरी से लेकर आपके वर्किंग आवर्स तक सब कुछ बदल गया है। अगर आपने इन नियमों को नहीं समझा तो आप अपना बड़ा नुकसान कर सकते हैं। तो आज की वीडियो में हम डिकोड करेंगे इन नए नियमों को और जानेंगे कि इसका सीधा फायदा और नुकसान आपको क्या होने वाला है। तो चलिए बिना देर किए हुए शुरू करते हैं। नमस्कार, मैं अभिषेक आनंद और आप जुड़े हैं प्रभात खबर के डिजिटल प्लेटफार्म के साथ। सबसे पहले यह समझते हैं कि आखिर यह बदलाव है क्या? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 29 साल पुराने पेचीदा श्रम कानून को खत्म कर दिया है। उनकी जगह ली है अब सिर्फ चार नई संहिताओं ने। यह कानून संसद से तो 2020 में ही पास हो गए थे, लेकिन आधिकारिक तौर पर इन्हें अब लागू किया गया है। यह फोर पिलर्स कौन-कौन से हैं? पहला कोड ऑफ वेजेस। इसका सीधा संबंध आपकी सैलरी बोनस और भत्तों से है। दूसरा इंडस्ट्रियल रिलेशन कोड यानी कंपनी और कर्मचारी के बीच का रिश्ता और नियम। तीसरा कोड ऑन सोशल सिक्योरिटी। इसमें पीएफ पेंशन और बीमा जैसी सुविधाएं आती हैं। और चौथा ऑक्यूपेशनल सेफ्टी कोड यानी जहां आप काम करते हैं, वहां की सुरक्षा और सेहत। सरकार का दावा है कि यह सिर्फ नियम नहीं बल्कि भारत के 40 करोड़ कामगारों की जिंदगी में एक ऐतिहासिक बदलाव है। अब आते हैं सबसे काम की बात पर। एक आम कर्मचारी को इससे क्या मिलेगा? चलिए एक-एक कर देखते हैं। फायदा नंबर एक न्यूनतम वेतन की गारंटी। अब देश के हर कर्मचारी को समय पर न्यूनतम वेतन मिलने की कानूनी गारंटी है। पहले मासिक सैलरी रोक लेते थे या लेट करते थे। लेकिन अब ऐसा नहीं चलेगा। आपका पैसा सही समय पर आपके खाते में आएगा। फायदा नंबर दो अपॉइंटमेंट लेटर अनिवार्य कर दिया गया। अक्सर लोग बिना कागजी कारवाई के नौकरी शुरू कर दी। अब ज्वाइन करते ही आपको अपॉइंटमेंट लेटर देना अनिवार्य है। इससे आपकी अधिकार सुरक्षित रहेंगे और कोई आपको बिना सबूत के नौकरी पर नहीं रख सकता है। फायदा नंबर तीन महिलाओं को बराबर का वेतन। अब जेंडर के आधार पर सैलरी में भेदभाव करना गैरकानूनी है। महिलाओं को पुरुषों के बराबर वेतन का पूरा अधिकार है। फायदा नंबर चार सबको मिलेगी सामाजिक सुरक्षा। भारत की आधी से ज्यादा वर्क फोर्स पहली बार सामाजिक सुरक्षा के दायरे में आ गई। चाहे आप गिग वर्कर हो या कॉन्ट्रैक्ट लेबर, पीएफ, ईएसआईसी, बीमा और पेंशन का हक अब सबका है। फायदा नंबर पांच, फ्री हेल्थ चेकअप। यह एक बड़ा तोहफा है। अगर आपकी उम्र 40 साल से ज्यादा है, तो आपको साल में एक बार फ्री हेल्थ चेकअप मिलेगा जिसका खर्च नियोक्ता उठाएगा। फायदा नंबर छह बेहतर ग्रेजुएटी। पहले ग्रेजुएटी सिर्फ बेसिक सैलरी पर कैलकुलेट होती थी। अब इसकी गणना पूरे वेतन के आधार पर होगी। मतलब रिटायरमेंट या नौकरी छोड़ने पर अब आपकी जेब में ज्यादा पैसे आएंगे। फायदा नंबर सात ओवरटाइ का डबल पैसा। अगर आप घंटों तक मेहनत कर रहे हैं, ज्यादा काम करते हैं, तो आपको उसका डबल वेतन मिलेगा। आपकी मेहनत का एक-ए मिनट अब कीमती है। फायदा नंबर आठ गिग वर्कर्स को सुरक्षा। Uber, Ola, Amazon, Zomato के साथियों के लिए यह गेम चेंजर है। पहली बार आपको सामाजिक सुरक्षा मिलेगी। एग्रीगेटर कंपनियों को अपनी कमाई से एक से 2% कल्याण कोष में जमा करना होगा जो आपके काम आएगा। अब समझते हैं सिक्के का दूसरा पहलू। अगर आप बिजनेस चलाते हैं या एचआर हैं तो आपके लिए क्या बदलाव है? पहला कानूनी बोझ कम हुआ है। पहले आपको 29 अलग-अलग कानूनों के रजिस्टर भरने पड़ते थे। अब सिर्फ चार कोर्स हैं। इससे कागजी कारवाई कम होगी। दूसरा वेतन के लिए यह एक नई परिभाषा है। पहले पीएफ के लिए सैलरी की परिभाषा अलग थी। बोनस के लिए अलग। अब पूरे देश में वेजेस की एक ही परिभाषा रहेगी। इससे कंप्लायंस बहुत आसानी से हो जाएगा। तीसरा फिक्स टर्म एंप्लॉयमेंट। अब कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारियों को भी स्थाई कर्मचारी वाली सुविधाएं देनी होगी। आप भेदभाव नहीं कर सकते। और चौथा पारदर्शिता। कोई भी नियम या शर्त आप छुपा नहीं सकते। आपको सब कुछ लिखित में और साफ-साफ बताना होगा। अब एक महत्वपूर्ण सवाल। क्या भारत दुनिया के साथ कदम मिलाकर चल रहा है? जवाब है हां और कुछ मामलों में तो भारत आगे निकल गया है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि गिग वर्कर्स के लिए सोशल सिक्योरिटी लाना एक ऐसा कदम है जो अभी कई विकसित देशों में भी पूरी तरह लागू नहीं हुआ है। साथ ही यह वन नेशन वन लॉ की तरफ भारत का एक मजबूत कदम है। अगर आप किसी कंपनी के मालिक हैं या मैनेजर हैं तो यह नोट कर लें। आपको अपनी एचआर नीतियों में तुरंत यह चार बदलाव करने होंगे। पहला जॉब डिस्क्रिप्शन की समीक्षा करें। कौन सा कर्मचारी किस कोड के तहत आता है। दूसरा सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव करें। नई परिभाषा के हिसाब से सैलरी का ब्रेकअप आप बदलें। तीसरा परमानेंट कॉन्ट्रैक्ट और गिग वर्कर्स सबके लिए अलग रणनीति बनाएं। और चौथा काम के घंटे ओवरटाइम छुट्टी और अनुशासन के नियमों को अपडेट करें। सरकार ने कहा है कि इसका विस्तृत नियम अगले 5 से सात दिनों में जारी हो जाएगा। मगर इन सबके बीच यहां पर एक पेज है। यह कानून केंद्र सरकार के हैं। लेकिन इन्हें लागू करवाना राज्य की जिम्मेदारी है। हर राज्य को अपना नियम बनाना होगा। कई राज्यों ने ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। लेकिन अभी भी फाइनल नोटिफिकेशन का इंतजार है। इसलिए आने वाले हफ्तों में आपको अपने राज्य की खबर पर भी नजर रखनी है। हमारे छोटे और मध्यम व्यापारी यानी कि एमएसएमस के जो साथी हैं उनके लिए थोड़ा मुश्किल हो सकता है क्योंकि अब उन्हें भी कड़े नियमों का पालन करना होगा जिससे लागत बढ़ सकती है। लेकिन अच्छी खबर यह है कि 29 कानूनों की जगह में अब सिर्फ चार कोड होंगे और इससे इंस्पेक्टर्स का डर कम होगा और कंप्लायंस आसान हो जाएगी। सरकार ने वादा किया है कि वह इस बदलाव में पूरी मदद और गाइडेंस देगी। अब सवाल यह है कि क्या सब कुछ एकदम परफेक्ट हो जाएगा? शायद नहीं। कुछ चुनौतियां भी हैं। जैसे कि इंप्लीमेंटेशन। इतने बड़े देश में नियम लागू होने में समय लगेगा। अवेयरनेस की कमी। अभी बहुत से कर्मचारियों और मालिकों को अपने अधिकारों का पता नहीं। छोटे कंपनियों का बोझ। अचानक के सारे नियम मानने में छोटी कंपनियों की आर्थिक दिक्कत आ सकती है और स्टेट कोऑर्डिनेशन अलग-अलग राज्यों में अलग-अलग नियम होने से कंफ्यूजन हो सकता है। फिर भी यह एक बहुत जरूरी और सकारात्मक शुरुआत है। वीडियो खत्म होने से पहले मेरी तरफ से आपको कुछ सलाह है। अगर आप कर्मचारी हैं तो अपने अधिकारों को जाने, Google करें और पढ़ें। अगर आपके पास अपॉइंटमेंट लेटर नहीं है तो आज ही एचआर से मांगे। आने वाले दिनों में अपनी सैलरी स्लिप चेक करें। वह नए नियम के हिसाब से है या नहीं यह देखें और अगर आप नियोक्ता हैं तो अपने एचआर और अकाउंट टीम को तुरंत ट्रेनिंग दें। सैलरी स्ट्रक्चर को अपडेट करें ताकि बाद में लीगल पंगा ना हो। कर्मचारियों के साथ मीटिंग करके उन्हें नए बदलाव के बारे में बतलाएं और गिग वर्कर्स अपने एग्रीगेटर से पूछें कि कल्याण कोष कब से शुरू हो जाएगा और आप कैसे रजिस्टर कर सकते हैं। तो दोस्तों, यह थी 21 नवंबर 2025 से लागू हुए नए श्रम कानूनों की पूरी जानकारी। यह बदलाव आपको कैसा लगा? क्या आपको लगता है कि इससे आपकी लाइफ आसान होगी? हमें कमेंट सेक्शन में जरूर बताएं। और अगर आपको यह वीडियो पसंद आया हो तो अब इसे टच और अगर आपको यह वीडियो पसंद आया हो तो इसे अपने एचआर, बॉस, सहकर्मियों के साथ शेयर जरूर करें क्योंकि यह जानकारी ही बचाव है। लाइक बटन दबाएं, सब्सक्राइब करें। मैं मिलूंगा अगले वीडियो में फिर आपसे तब तक के लिए नमस्कार प्रभात खबर.com विश्वास वही रफ्तार नई
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