The video titled "दिन भर रजाई में दुबकने वालों को असल में ये दिक्कत है" focuses on various health-related topics, especially concerning winter fatigue. The episode features experts who discuss common health issues during winter, the impact of diet on health, and tips for maintaining fitness.
The video is structured around three primary themes, each presented by different health professionals.
Presented by: Dr. Utkarsh Bhagat, Director & Senior Consultant, Neurosurgery
“Winter often brings a wave of sleepiness that can be countered with the right nutrients.”
Presented by: Dr. Anil Heroor, Director, Oncological Sciences
“Awareness of diet can play a significant role in cancer prevention.”
Featured Guest: Actor Saumya Tandon
“Incorporating small habits can create a big impact on overall health.”
The video effectively addresses seasonal health issues, particularly winter fatigue, and provides actionable insights into maintaining well-being during colder months. The blend of expert advice and personal anecdotes makes the content relatable and informative.
This episode of Sehat provides a well-rounded discussion on health topics relevant to winter, highlighting the importance of nutrition and lifestyle choices. The contributions from health professionals and the relatable format cater to a diverse audience seeking to enhance their understanding of seasonal health challenges.
N/A हर बार सर्दियां आते ही आलस हावी हो जाता है। सेहत के पहले सेगमेंट में जानिए सर्दियों में इतनी ज्यादा थकान और नींद क्यों लगती है? क्या बहुत तीखा खाना पेट में कैंसर कर सकता है? जवाब जानिए सेहत के दूसरे सेगमेंट में। भाभी जी घर पर हैं फेम। सौम्या टंडन फिट रहने के लिए फॉलो करती हैं पांच टिप्स। इनके बारे में बताएंगे सेहत के आखिरी सेगमेंट में। ब्रॉट टू यू बाय SBI लाइफ इंश्योरेंस एंड सेंसर एंड के। N/A सर्दियां शुरू हो गई हैं। इस मौसम में बड़ी थकान लगती है। बिस्तर छोड़ने का मन नहीं करता। हर काम में आलस आता है। मन करता है बस पूरा दिन सोते रहो। पर ऐसा करना प्रैक्टिकली पॉसिबल है? नहीं। काम तो करना ही पड़ेगा। लेकिन सर्दियों में आखिर शरीर इतना स्लो क्यों हो जाता है? और इसे फुर्ती में कैसे लाएं? यही जानेंगे आज सेहत के इस एपिसोड में। डॉक्टर से समझेंगे कि सर्दियों में ज्यादा थकान और ज्यादा नींद क्यों आती है। यह भी पता करेंगे कि इस मौसम में शरीर में किन पोषक तत्वों की कमी हो जाती है और इस कमी को दूर करने के लिए क्या खा सकते हैं। सुनिए। सर्दियों में दिन छोटे हो जाते हैं और धूप कम आती है जिसकी वजह से मेलेटोनिन जो एक स्लीप हार्मोन है उसकी मात्रा बढ़ जाती है। मेलेटोनिन बढ़ने से नींद ज्यादा आती है। दूसरा धूप कम होने से सेरोटोनिन जो एक ब्रेन केमिकल है जो हमारे मूड और एनर्जी लेवल्स को रेगुलेट करता है। उसकी मात्रा कम हो जाती है। जिसकी वजह से हमें थकान ज्यादा महसूस होती है। इसके अलावा ठंड में शरीर को खुद को गम रखने के लिए ज्यादा ऊर्जा चाहिए होती है। जिसकी वजह से हम जल्दी थकते हैं। इसके अलावा सर्दियों में कम चलना फिरना अधिकतर समय घर के अंदर रहना उन सब चीजों से भी थकावट ज्यादा महसूस होती है। इसके अलावा सर्दियों में हम पानी बहुत कम पीते हैं। डिहाइड्रेशन से भी थकान महसूस होती है। सर्दियों में सुबह कम से कम 15 से 20 मिनट धूप में बैठे। अगर वॉक कर सकते हैं तो और भी अच्छा है। हल्कीफुल्की कसरत करें। योगा, स्ट्रेचिंग जो भी आपको अच्छा लगता है। ऐसा कुछ ना कुछ एक्टिविटी डेली होना चाहिए। तनाव कम करने के लिए आप डीप ब्रीथिंग एक्सरसाइज कर सकते हैं, मेडिटेशन कर सकते हैं। यह सब चीजें भी आपका एनर्जी लेवल्स इंप्रूव करती है। खासकर विटामिन डी जो नॉर्मल पापुलेशन में वैसे ही बहुत कम होता है। सर्दियों में उसकी मात्रा कम होने से आपको लो एनर्जी और शरीर में जल्दी थकान महसूस होती है। तो विटामिन डी युक्त चीजें खाएं। दूध, दही, पनीर और अगर आप फिश खाते हैं तो और भी अच्छा है। एग्स ले सकते हैं। साथ ही साथ आयरन का कमी भी बहुत कॉमन है। आयरन कमी के लिए आप ग्रीन लीफी वेजिटेबल्स ले। गुड़ ले सकते हैं। चना खा सकते हैं। इसके अलावा ओमेगा थ्री, फैटी एसिड्स जो कि हमारे फ्लैक्स सीड्स, चिया सीड्स, अखरोट, बादाम इन सब चीजों से आपको मिल सकते हैं। ये भी खाने चाहिए। इसके अलावा विटामिन बी जो कि आपका होल ग्रेंस में, दालों में और इन सब्जियों में होता है वह सब आपको लेना चाहिए। तो थोड़ी धूप रोजाना कसरत और सही खाना। इससे आपकी सर्दियों की सुस्ती काफी कम हो सकती है। अपना ध्यान रखें। जाड़ा चाहे कितना ही क्यों ना हो रोज थोड़ी देर 15 20 मिनट ही सही एक्सरसाइज जरूर करें। इससे सुस्ती दूर होती है और आप एक्टिव रहते हैं। अब बढ़ते हैं सेहत के अगले सेगमेंट की तरफ। तन की बात। N/A सेंस डेंट टूथपेस्ट फॉर सेंसिटिविटी। किसी को कैंसर क्यों होता है? इसकी कोई सटीक वजह आज तक पता नहीं चल पाई है। लेकिन कुछ फैक्टर्स हैं जो कैंसर का रिस्क बढ़ाते हैं। जैसे तीखा और मसालेदार खाना। माना जाता है कि बहुत मिर्च मसाले वाला खाना नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे पेट में कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। अब इस बात में कितनी सच्चाई है? क्या वाकई तीखा खाना पेट में कैंसर कर सकता है? यह हमने पूछा किम्स हॉस्पिटल ठाणे में ओकोलॉजिकल साइंसेस के डायरेक्टर डॉक्टर अनिल हेरूर से। डॉक्टर अनिल बताते हैं कि कभी कबभार मसालेदार खाने से कुछ नहीं होता। लेकिन अगर कोई व्यक्ति रोज या हफ्ते में कई बार तीखा और मसालेदार खाना खाता है तो उसके पेट में जलन और सूजन हो सकती है। अल्सर यानी घाव भी बन सकते हैं। अगर ऐसा लंबे वक्त तक हो तो कैंसर होने का रिस्क बढ़ जाता है। मिर्च और मसालों में कैप्साइसिन नाम का कंपाउंड होता है। इसकी थोड़ी मात्रा शरीर को नुकसान नहीं पहुंचाती बल्कि यह कुछ हद तक सूजन कम करने में मदद कर सकती है। लेकिन जब इसे बहुत ज्यादा मात्रा में और लगातार खाया जाता है तब पेट की भीतरी परत यानी गैस्ट्रिक म्यूकोसा को नुकसान पहुंचने लगता है। इससे पेट में एसिड बढ़ता है। पेट की दीवारों पर सूजन होती है और अल्सर बनने का खतरा बढ़ जाता है। अगर यह सूजन कई सालों तक बनी रहे तो पेट के सेल्स में बदलाव आने लगते हैं जो आगे चलकर कैंसर का जोखिम बढ़ा सकते हैं। यह खतरा उन लोगों में और भी ज्यादा होता है जो शराब सिगरेट पीते हैं। लंबे समय तक दर्द की दवाइयां खाते हैं या जिन्हें एच पाइलोरी इंफेक्शन है। एच पाइलोरी यानी हेलिकोबक्टर पाइलोरी। यह इंफेक्शन पेट की दीवार में सूडन और अल्सर की बड़ी वजह माना जाता है। कई स्टडीज में पाया गया है कि जो लोग 10-15 सालों तक लगातार बहुत मसालेदार खाना खाते हैं उनमें पेट के कैंसर का रिस्क ज्यादा होता है। वहीं अगर परिवार में किसी को पेट का कैंसर हुआ है या व्यक्ति को क्रॉनिक गैस्टराइटिस है या फिर पेप्टिक अल्सर डिजीज है तब भी कैंसर होने का जोखिम बढ़ जाता है। इसीलिए जरूरी है कैंसर के लक्षणों को पहचानना। पेट के कैंसर की शुरुआती स्टेज में आमतौर पर कोई खास लक्षण नहीं दिखते। लेकिन जैसे-जैसे बीमारी बढ़ती है, कुछ संकेत नजर आने लगते हैं। जैसे पेट में भारीपन, भूख कम लगना, वजन घटना, खाना खाने के बाद पेट जल्दी भर जाने जैसा महसूस होना, जब बीमारी और बढ़ जाती है तब पेट में दर्द, लगातार उल्टी आना, खून की उल्टी होना, काला स्टूल आना और निगलने में दिक्कत होना जैसे लक्षण दिखते हैं। कई मरीजों में कमजोरी, थकान और एनीमिया यानी शरीर में खून की कमी भी हो सकती है। अक्सर लोग इन लक्षणों को गैस या एसिडिटी समझकर अनदेखा कर देते हैं। जिससे कैंसर होने का पता देर से चलता है। इसीलिए अगर किसी को लक्षण हो तो उसे तुरंत डॉक्टर से मिलना चाहिए। पेट में कैंसर है या नहीं यह पता लगाने के लिए डॉक्टर एंडोस्कोपी कर सकते हैं। इसमें एक पतली ट्यूब से पेट की दीवारों को देखा जाता है। अगर कुछ गड़बड़ लगती है तो बायोप्सी की जाती है। जरूरत पड़ने पर सिटी स्कैन और पैट स्कैन भी किया जाता है। पेट के कैंसर का इलाज उसकी स्टेज पर निर्भर करता है। अगर शुरुआती स्टेज है तो सर्जरी की जा सकती है। अगर कैंसर फैल चुका है तो कीमोथेरेपी, रेडिएशन थेरेपी या टारगेटेड ड्रग थेरेपी दी जा सकती है। समझे? अब बारी है सेहत के आखिरी सेगमेंट की। खुराक यानी एक झकास सी हेल्थ टिप। N/A सौम्या टंडन इंडियन एक्ट्रेस हैं। आपने इन्हें भाभी जी घर पर है जैसे पॉपुलर टीवी शो में देखा है। इन दिनों सौम्या की एक रील सोशल मीडिया पर खूब वायरल है। इसमें वो बता रही हैं कि उन्होंने कभी डाइटिंग नहीं की। पर खाने-पीने से जुड़ी पांच चीजें वो रोज करती हैं। जैसे हर सुबह एक चम्मच घी में हल्दी और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर खाना। एक गिलास गुनगुने पानी में कसी अदरक डालकर पीना। चीनी, शहद, गुड़ कुछ भी मीठा ना खाना। प्रोटीन से भरपूर खाना खाना और अपनी डाइट में मेवे शामिल करना। सबसे जरूरी रात का खाना 7:00 बजे से पहले खा लेना। भाई, यह टिप्स सुनने में तो बड़े काम के लग रहे हैं। पर इन्हें फॉलो करने का कोई फायदा है भी या नहीं? यह हमने पूछा पारस हेल्थ पंचकूला में न्यूट्रिशनिस्ट पूजा गुप्ता से। न्यूट्रिशनिस्ट पूजा गुप्ता बताती हैं कि यह सारे टिप्स शरीर के लिए काफी फायदेमंद है। पहले बात एक चम्मच घी में हल्दी और काली मिर्च का पाउडर मिलाकर खाने की। हल्दी में करकुमिन नाम का तत्व होता है। यह शरीर की सूजन घटाता है। वहीं काली मिर्च में पिपरिन नाम का तत्व होता है। यह हल्दी में मौजूद करक्यूमिन को शरीर में अच्छे से अब्सॉर्ब करने में मदद करता है। घी एक हेल्दी फैट है और करक्यूुमिन फैट में घुलने पर ज्यादा असर करता है। जब तीनों को मिलाकर खाया जाता है तब शरीर की सूजन कम होती है। जोड़ों के दर्द में आराम मिलता है। इम्यूनिटी मजबूत होती है। पाचन भी सुधरता है। दूसरा गुनगुने पानी में कसी अदरक मिलाकर पीना। अदरक में जिंजर रोल नाम का तत्व होता है। यह पेट में गैस्ट्रिक जूस को बढ़ाता है। इससे खाना जल्दी टूटता है और पाचन स्मूथ होता है। अदरक से शरीर की अंदरूनी सूजन भी दूर हो जाती है। जब गुनगुने पानी में अदरक डालकर पी जाती है तब पेट और आंतों की सेहत सुधरती है। इससे गैस की दिक्कत दूर होती है। हाजमा दुरुस्त रहता है और इम्यूनिटी भी बूस्ट होती है। तीसरा चीनी, शहद और गुड़ ना खाना। यह तीनों ही सिंपल शुगर के रूप में होते हैं जो खून में शुगर का लेवल तुरंत बढ़ा देते हैं। बार-बार शुगर बढ़ने पर इंसुलिन हार्मोन भी बार-बार रिलीज होता है। इससे शरीर फैट स्टोर करने लगता है। नतीजा आपका वजन बढ़ सकता है। ब्लड शुगर के उतार-चढ़ाव से थकान भी महसूस होती है और बार-बार कुछ खाने का मन करता है। लेकिन जब आप इन सिंपल शुगर्स को कम कर देते हैं तो ब्लड शुगर लेवल ज्यादा स्थिर रहता है। वजन कंट्रोल में आता है। स्किन हेल्दी दिखती है। दिल पर भी अच्छा असर पड़ता है। चौथा प्रोटीन से भरपूर खाना खाना। इससे मांसपेशियां मजबूत होती हैं। प्रोटीन देर से पचता है। इसीलिए भूख भी कम लगती है। प्रोटीन आपका मेटाबॉलिज्म भी बूस्ट करता है। मेटाबॉलिज्म यानी हम जो खाना खाते हैं उसे एनर्जी में बदलने, नए सेल्स बनाने और पुराने को बचाए रखने का पूरा प्रोसेस। मेटाबॉलिज्म बूस्ट होने से एनर्जी लेवल हाई रहता है। थकान कम लगती है। वेट कंट्रोल में आता है और पाचन सुधरता है। वहीं नट्स में हेल्दी फैट, फाइबर और मिनरल्स होते हैं जो दिल और दिमाग के लिए अच्छे हैं। पांचवा रात का खाना 7:00 बजे से पहले खा लेना। जल्दी डिनर करने से खाने को अच्छी तरह पचने का समय मिल जाता है। इससे पाचन दुरुस्त रहता है। पेट सही रहने से रात में अच्छी नींद आती है। साथ ही वजन घटाने में भी मदद मिलती है। देखिए जब आप जल्दी खाना खाते हैं तो उसके बाद कुछ ना कुछ मूवमेंट करेंगे ही। चलेंगे फिरेंगे काम करेंगे। इससे शरीर एनर्जी का इस्तेमाल करेगा। कैलोरीज बर्न होंगी और वेट कंट्रोल करने में मदद मिलेगी। आज सेहत में इतना N/A ही। अच्छा अगर आप डॉक्टर हैं या फिर आपका डॉक्टर से कोई सवाल है तो जो ईमेल आईडी आपको अपनी स्क्रीन पर दिख रही है उस पर हमें मेल भेज दीजिए। सूचना समाप्त। शुक्रिया।
#Sehat | Episode No: 1274 In today's health episode: 1. Why we feel more tired and sleepy in winter, how to reduce seasonal fatigue, which nutrient deficiencies become common in cold weather, and what to eat to fix them. Explains Dr. Utkarsh Bhagat, Director & Senior Consultant, Neurosurgery, Narayana Hospital, Gurugram. 2. Can eating spicy food increase the risk of stomach cancer? What are the early symptoms of stomach cancer, and how can it be prevented and treated? Explains Dr. Anil Heroor, Director, Oncological Sciences, KIMS Hospitals, Thane. 3. Actor Saumya Tandon from Bhabi Ji Ghar Par Hain shared five habits she follows daily to stay fit. Nutritionist Pooja Gupta, Paras Health, Panchkula, explains the health benefits of these habits. #sehat #health #WinterFatigue 00:00 -Intro 00:38 -सर्दियों में इतना आलस क्यों आता है? 03:52 -तीखा खाने से पेट का कैंसर हो सकता है? 07:30 -फिट, हेल्दी रहने के लिए ये 5 काम करें 11:05 -Outro The copyright ownership in the video rests with India Today Group. No third party is permitted to use the video without obtaining the permission of India Today Group. Any permission for usage can be obtained through the email ID provided here: mail@lallantop.com. न्यूज़ लेटर के लिए क्लिक करें : https://www.thelallantop.com/newsletter खबरों को विस्तार से पढ़ने के लिए क्लिक करें यहां : https://www.thelallantop.com/ Instagram: @thelallantop Facebook: @thelallantop Twitter: @TheLallantop Production: Aditi Agnihotri Video Editor: Goransh